July 30, 2026
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ऑपरेशन सिंदूर में 6 शहीदों के नाम 13 महीने बाद हुए उजागर

6 शहीदों के नाम 13 महीने तक छुपाकर केन्द्र सरकार और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने देशद्रोह किया है – कांग्रेस

पिछले साल सात मई को शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर को हुए 13 महीने बीत चुके हैं। इस ऑपरेशन सिंदूर में भारत के 6 शहीद जवानों के नाम सार्वजनिक करने के बाद देश भर में विवाद का साया बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार पर शहीदों के नाम छिपाने का घृणित कार्य करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा कहा, ‘सरकार ने इन जवानों की शहादत एक साल तक सार्वजनिक नहीं की। उन्हें वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे।’

प्रेस से किए गए वार्ता में पवन खेड़ा ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिए गए एक बयान का वीडियो एक्स डॉट कॉम पर शेयर किया। इसमें राजनाथ सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में किसी को नुकसान नहीं पहुंचा।

पवन खेड़ा ने कहा, ‘इसमें दो ही संभावनाएं बनती हैं। या तो रक्षा मंत्री को उस समय छह जवानों की शहादत की जानकारी नहीं थी या उन्होंने संसद को गुमराह किया। दोनों ही स्थितियां गंभीर हैं।’ उधर, रक्षा मंत्रालय बीच में कूद गया है औऱ उसने कहा कि राजनाथ के संसद में दिए गए बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

इस मामले में बवाल होते देख कर रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट में यह गलत दावा किया जा रहा है कि छह शहीदों को पहली बार अब सार्वजनिक सम्मान मिला है। यह दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है।

रक्षा मंत्रालय के बयान मुताबिक, 11 मई 2025 को हुई आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तत्कालीन सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) ने इन छह जवानों को आधिकारिक रूप से श्रद्धांजलि दी थी। इसके बाद 14 अगस्त 2025 की प्रेस विज्ञप्ति में उन्हें वीरता पुरस्कार दिए जाने की जानकारी भी सार्वजनिक की गई थी।

इसके साथ यह भी साक्ष्य दिया गया कि भारतीय सेना के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी शहीदों को तुरंत श्रद्धांजलि दी गई थी। 8 अक्टूबर 2025 को वायुसेना प्रमुख ने वायुसेना के शहीद सार्जेंट के परिजन को सम्मानित किया।

इसके अलावा, सेना के हवाले से कहा गया कि 15 जनवरी 2026 को जयपुर में सेना दिवस परेड के दौरान सेना प्रमुख ने तीन शहीदों के परिजनों को सेना मेडल (वीरता) प्रदान किया।

जहां तक सवाल है कि राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों के नाम दर्ज करने की, तो इसकी एक तय प्रक्रिया और प्रोटोकॉल है। सभी नाम उसी प्रक्रिया के तहत दर्ज किए जाते हैं। इसलिए यह कहना कि नाम दर्ज करने में देरी हुई या शहीदों को अब पहली बार सम्मान मिला है, सही नहीं है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने शहीदों के परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सभी निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सोशल मीडिया पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिए गए भाषण के एक हिस्से को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया। इससे यह गलत संदेश देने की कोशिश की गई कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में किसी भारतीय सैनिक के शहीद नहीं होने की बात कही थी।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि राजनाथ सिंह का बयान ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के पायलटों के मारे जाने के दावों का खंडन करने के लिए था। रक्षा मंत्रालय कुछ भी कहे रक्षामंत्री का ब्यान केवल वायु सेना को लोकर नहीं था, इसमें साफ तौर पर। ना के किसी भी जवान के मारे जाने के बारे में संसद के पटल पर सूचना दी गई थी।

चलिए कुछ भी हो जरा देख लेते हैं कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 28 जुलाई 2025 को संसद में क्या कहा था-

हमारे विपक्ष के लोग पूछते हैं कि हमारे कितने विमान गिरे। उन्होंने कभी हमसे ये नहीं पूछा कि हमारी सेना ने दुश्मनों के कितने विमान मार गिराए। अगर आपको सवाल पूछना है तो ये पूछिए कि क्या इस ऑपरेशन में हमारे बहादुर सैनिकों को कोई क्षति हुई है? तो इसका जवाब है- नहीं।

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