#Opinion #Politics दहाड़ती हुई सत्ता की राजनीति और गिड़गिड़ाता हुआ जनता का लोकतंत्र दहाड़ती राजनीति और गिड़गिड़ाता लोकतंत्र और बदहाल जनजीवन हमारे समय की खामोश सच्चाई है। कभी इस नाम पर, कभी उस Prafulla Kolkhyan / 2 weeks Comment (0) (320)
#Politics #Opinion भावनाओं से संभावनाओं तक 2027 में उत्तर प्रदेश दिन-प्रति-दिन लोकतंत्र की चुनौतियाँ बढ़ती जा रही है। 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा तथा मणिपुर में विधानसभाओं के Prafulla Kolkhyan / 3 weeks Comment (0) (104)
#Opinion सत्ता, सनातन और सरोकार: भक्ति चेतना से चुनावी राजनीति तक चोर के मुंह से चांद का वर्णनबात सिर्फ राम मंदिर में चंदा-चढ़ावा चोरी की ही नहीं है।हां प्रमुख, जब तक Prafulla Kolkhyan / 1 month Comment (0) (74)
#Opinion मनुस्मृति से सीखा, कहाँ से सीखा! सवाल साफ है, तो ये कहां से सीखा! चंदा-चढ़ावा चोरी पेपरलीक कराना! बोलो-बोलो कहां से सीधा नाना-परनाना-दादी कहां से सीखा! Prafulla Kolkhyan / 1 month Comment (0) (120)
#Opinion यह वंदे मातरम गान देश को किस दिशा की ओर धकेल देगा? दया सिंह | राजनीतिक विश्लेषक एवं चिंतक सुधांशु त्रिवेदी, जो भाजपा के सांसद और प्रवक्ता भी हैं, वे कांग्रेस के The Public India / 1 month Comment (0) (62)
#Opinion वंदे मातरम: अंग्रेजों के ख़िलाफ़ एकता का मंत्र, आज विवाद का हथियार? राष्ट्र गीत वंदे मातरम फिर से चर्चा और विवाद में है. भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के अध्याय अभी खुले हुए Prafulla Kolkhyan / 2 months Comment (0) (164)
#Opinion Gen-Z की गालियां और आज का समाज: शीतल पी सिंह जेन-ज़ी की गालियों को लेकर इन दिनों जिस तरह की चिंता जताई जा रही है, उसे देखकर ऐसा लगता है The Public India / 2 months Comment (0) (319)
#Opinion युवाओं के प्रश्न, सत्ता की चुप्पी और मीडिया का नैरेटिव ! बात यह महत्वपूर्ण है कि विपक्ष को नही, युवाओं और जनता को क्या चाहिए? एक ऐसी अनैतिक और भ्रष्टाचारी सरकार Anshu Naithani / 2 months Comment (0) (126)
#Opinion सफ़ेद चादर से ढका गया ‘लोकतंत्र’ सत्ता के मायालोक में सत्य का माया-जाल बेहद भ्रामक होता है। जितना भी नाप-तौलकर समझने की कोशिश करे कोई, फिर भी Prafulla Kolkhyan / 3 months Comment (0) (72)
#Opinion CJP का लक्ष्य क्या है? धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, इतना ही बस! CJP दीपके का जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन और भूख हड़ताल (अनशन) का लक्ष्य क्या है? धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, Anshu Naithani / 3 months Comment (0) (58)