श्रम से सपनों का विच्छिन्न हो जाना, श्रम से आनंद का तिरोहित हो जाना डिजिटलयुग की सब से बड़ी दुर्घटना है! कोई तो कमायेगा-कमायेगी! या फिर सब-कुछडेटा कमायेगा और बाकी बचा हुआ काम सेवायोगी कर लेंगे! नेता स्क्रीन पर, जनता जमीन पर! क्या यही लोकतंत्र है? रामदास क्यों उदास था! किस ने उसे बता दिया था कि उस की हत्या
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Prafulla Kolkhyan / 3 weeks
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