October 6, 2026
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दहाड़ती हुई सत्ता की राजनीति और गिड़गिड़ाता हुआ जनता का लोकतंत्र

दहाड़ती राजनीति और गिड़गिड़ाता लोकतंत्र और बदहाल जनजीवन हमारे समय की खामोश सच्चाई है। कभी इस नाम पर, कभी उस नाम पर साधारण और असंगठित लोगों पर संगठित लोगों का निरंतर हमला हो रहा है। असंगठित, साधारण और शक्तिहीन लोगों की जिंदगी के हकीकत चाहे जो हों उन की सांस को सुलगाकर संगठित, सत्तावान और […]

भावनाओं से संभावनाओं तक 2027 में उत्तर प्रदेश

दिन-प्रति-दिन लोकतंत्र की चुनौतियाँ बढ़ती जा रही है। ‎2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा तथा मणिपुर में विधानसभाओं के चुनाव होने हैं। विधानसभा चुनाव अपेक्षित है। ‎ भारत में लोकतंत्र की स्थिति नाजुक है। लोकतांत्रिक राजनीति में शक्ति का स्रोत ‎राज्य के प्रशासनिक उपकरणों में न होकर जनता की सहानुभूति में होता है। राज्य […]

सत्ता, सनातन और सरोकार: भक्ति चेतना से चुनावी राजनीति तक

चोर के मुंह से चांद का वर्णनबात सिर्फ राम मंदिर में चंदा-चढ़ावा चोरी की ही नहीं है।हां प्रमुख, जब तक सत्ता है सामूहिक रूप से हम सब दिव्य सेवा में संलग्न ‎हैं! सत्ता और सनातन का रिश्ता कायम है!क्यों भाई, पंगु! ‎सही कहा न! ‎ मनुष्य के अंतरमन के आध्यात्मिक विस्तार को धर्म कहा जा […]

मनुस्मृति से सीखा, कहाँ से सीखा!‎

सवाल साफ है, तो ये कहां से सीखा! चंदा-चढ़ावा चोरी  पेपरलीक कराना! बोलो-बोलो कहां से सीधा नाना-परनाना-दादी कहां से सीखा! सवाल साफ है, जवाब! जवाब लटपट है।  लोकतंत्र का बुरा हाल है!  विरोध जंतर-मंतर से  मंत्रालय जादू-मंतर से!   सवाल साफ है, जवाब! जवाब लटपट है। ‎ जादू-मंतर की सरकार के घर में भारी खटपट है।  […]

यह वंदे मातरम गान देश को किस दिशा की ओर धकेल देगा?

दया सिंह | राजनीतिक विश्लेषक एवं चिंतक सुधांशु त्रिवेदी, जो भाजपा के सांसद और प्रवक्ता भी हैं, वे कांग्रेस के प्रवक्ता के साथ इस वंदे मातरम को लेकर चर्चा में ज्ञान बांटने पर उतारू थे। वे कई उदाहरणों से अपनी बात को सत्यापित करने में लगे थे और सीधे गुरु गोबिंद सिंह तक पहुंच गए। […]

Democracy on Trial: Power, Wealth, and Public Resistance lead by GenZ

After the West Bengal elections, Indian electoral democracy appears to have entered a phase of political vacuum, particularly in states such as West Bengal, Bihar, Maharashtra, and Orissa. A healthy electoral democracy thrives on genuine competition among political parties. It is through such competition that democratic institutions remain accountable and governments strive to serve the […]

India Independence Day Mauritius

80 Years of India’s Independence: A Glorious Celebration in Mauritius

The Glorious Tradition of Celebrating India’s Independence Day in Mauritius and the Grand Celebration of the 80th Independence Day Even outside India, India’s Independence Day is celebrated with great enthusiasm, fervour and patriotic spirit. Among the Indian diaspora, Mauritius has a distinctive and glorious tradition of commemorating this day. According to available historical accounts, public […]

Vande mataram

वंदे मातरम: अंग्रेजों के ख़िलाफ़ एकता का मंत्र, आज विवाद का हथियार?

राष्ट्र गीत वंदे मातरम फिर से चर्चा और विवाद में है. ‎भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के अध्याय अभी खुले हुए हैं। भारत का ‎स्वतंत्रता आंदोलन एकार्थी था और एक ध्वन्यात्मक नहीं था। ‎बहुस्तरीयता और बहुलात्मकता भारत की बुनियाद है। भारत के ‎सामाजिक-समूहों में टकराव तो पहले भी होते ही थे। लेकिन अंग्रेजों के ‎शासन काल […]

Gen-Z की गालियां और आज का समाज: शीतल पी सिंह

जेन-ज़ी की गालियों को लेकर इन दिनों जिस तरह की चिंता जताई जा रही है, उसे देखकर ऐसा लगता है मानो गालियाँ इसी पीढ़ी ने ईजाद की हों। जबकि सच्चाई बिल्कुल उलट है। गालियाँ मानव समाज जितनी पुरानी हैं। हर सभ्यता, हर भाषा और हर दौर में लोग गुस्से, अपमान, दर्द, विद्रोह, मज़ाक और तिरस्कार […]

Access Is Not Assistance: Why India Keeps Helping Disabled People Instead of Including Them

Divya Kashyap – PhD scholar Disability and media studies Guru Gobind Singh Indraprastha UniversityIIMC-Alumni A young man in a wheelchair reaches a metro station entrance in a major Indian city. There is no ramp on his side, but within seconds, three strangers rush over, lift his chair between them, and carry him up the stairs. […]