June 19, 2026

भारतीय और वैश्विक इक्विटी बाजार के उतार-चढ़ाव

मार्केट स्ट्रेटेजी और ओवरनाइट हाइलाइट्स: एक अनिश्चित संतुलनवैश्विक इक्विटी परिदृश्य गहरे संरचनात्मक तनावों को छुपाते हुए एक अनिश्चित स्थिरता का आभास देता है। जहां निफ्टी 50 (NIFTY 50) और सेंसेक्स जैसे घरेलू सूचकांक मामूली बढ़त के साथ सपाट दायरे में कारोबार कर रहे हैं, वहीं वैश्विक संकेत कहीं अधिक चिंताजनक कहानी बयां करते हैं। पश्चिम […]

द आर्ट ऑफ पोलिटिकल इंजीनियरिंग: कैसे परदे के पीछे से बदल दी जाती है सत्ता की बिसात

राजनीति केवल चुनावों में वोट डालने या रैलियों में भाषण देने का नाम नहीं है, बल्कि यह एक अत्यंत जटिल, चालाकी भरे और दूरगामी रणनीतियों (Political Engineering) का खेल है। 2014 के लोकसभा चुनावों से ठीक पहले भारतीय राजनीति में खेला गया दांव इसका एक कालजयी उदाहरण है। दस साल के मनमोहन सिंह के शासनकाल […]

NETAJI, INA and RED FORT TRIALS

Ideas such as history, freedom, nationalism, justice, and polity, which once animated the intellectual and moral life of the nation, are steadily receding from public discourse, increasingly drowned out by noise, hype, fake outrage, and shrinking attention spans. It has therefore become imperative to revive a culture of informed, open-minded dialogue and to invite distinguished […]

समावेशी सोच और लोकतांत्रिक भारत की तस्वीर है कांग्रेस पार्टी

आइये कांग्रेस मुक्त भारत बनाने की बीजेपी की सोच को विस्तार से समझते हैं, जिसकी वजह से ये देश आज बर्बादी के मुहाने पर खड़ा है।कांग्रेस पार्टी के मायने मात्र सोनियाजी या राहुल गांधी या हाथ का पंजा का निशान केवल नहीं है। ये गांधी और नेहरू की वो विचारधारा है जिसे कांग्रेस के तमाम […]

तो फिर, लोकतंत्र की लुटिया डूबी कैसे? ‎

क्या हम एक ऐसे दौर में हैं, जब असली सवालों को गायब ‎कर दिया जाता है और नकली सवाल सजधज के साथ ‎लोगों के मन में भर दिया गया है। आज के प्रमुख ‎सवालों में एक यह है कि क्यों राजनीति सिर्फ सत्ता की ‎सीढ़ी बनती चली गई है। दुखद यह है कि इस सीढ़ी […]

जून 1984 – देश संकट में – दोषी कौन?

आज 2 जून 2026 है, 1984 के इस दिन और इस तिथि को भूल जाना मुश्किल है। जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने घोषणा की – “This is not a time for anger, too much blood has been shed, violence leads to counter violence and some misguided hindus think that this is the way to […]

खाड़ी संकट – डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू की सनक का नतीजा

ट्रम्प और नेतन्याहू के पागलपन और अंहकार ने आर्थिक रूप से समृद्ध खाड़ी देशों की तबाही की स्क्रिप्ट लिख दी है। जब कभी भी कोई बददिमाग और पागल व्यक्ति किसी मुल्क की सत्ता पर काबिज होता है, तो वो खुद को दुनियां का मसीहा बनाने की कोशिश में मानवता के‌ लिए खतरा बन जाता है। […]

भारत का बंटवारा – ब्रितानी ताकतों को संघी-लीगी सहयोग से

3 जून, आज के दिन इस पोस्ट को हर साल लिखकर मैं पुनीत कर्तव्य निभाता हूं। उसका कारण ये कि नेहरू ने गांधी द्वारा प्रधानमंत्री बनाये जाने के निर्णय को बार-बार उचित ठहराया था उसमें एक ये भी है।संघी दक्षिणपंथी दुष्टों ने पटेल के मरने के बाद यूनियन आफ इंडिया इतना बड़ा देश बनाने के […]