August 7, 2026

नेता स्क्रीन पर, जनता ज़मीन पर! क्या यही लोकतंत्र है?

श्रम से सपनों का विच्छिन्न हो जाना, ‎श्रम से आनंद का तिरोहित हो जाना डिजिटलयुग की सब से बड़ी दुर्घटना है! ‎कोई तो कमायेगा-कमायेगी! या फिर सब-कुछडेटा कमायेगा और बाकी बचा हुआ काम ‎सेवायोगी कर लेंगे! ‎ नेता स्क्रीन पर, जनता जमीन पर! क्या यही लोकतंत्र है? रामदास क्यों उदास था! किस ने उसे बता दिया था कि उस की हत्या होगी। चौड़ी सड़क, पतली गली, घनी बदली आखिर मामला क्या था? ऐसे पता नहीं चलेगा! राजनीतिक नेता को संकोच होगा या फिर क्या पता कि उन्हें पता ही न हो! चलते हैं हिंदी कवि और पत्रकार रघुवीर सहाय के […]

जंतर मंतर के प्रदर्शनकारियों को शशि थरूर की चिट्ठी

जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं के नाम एक खुला पत्र: मेरे प्यारे युवा दोस्तों, आज मैं आपसे एक राजनेता या सांसद के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर बात कर रहा हूँ जो युवा भारतीयों की आपकी पीढ़ी के साथ हो रही घटनाओं से बहुत परेशान है। यह मामला […]

क्या भारतीय लोकतंत्र में अब सत्याग्रह की परंपरा के लिए कोई स्थान नहीं?

सोनम वांगचुक के आमरण अनशन को 16 दिन से अधिक बीत चुके हैं और उनकी सेहत लगातार चिंताजनक बताई जा रही है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या सरकार इतनी संवेदन हीन हो चुकी है की अनशनकारियों को जंतर मंतर पर मरने के लिए छोड़ दिया गया है! लोकतंत्र संसद, सरकार और संविधान के […]

राम इकबाल वरसी – जिन्हें डॉ. लोहिया ने पीरो का गांधी कहा था

शिवानंद तिवारी सन् 1955-56 की बात होगी। डॉ. राममनोहर लोहिया ने अपनी पत्रिका “जन” में राम इकबाल वरसी को “पीरो का गांधी” कहा था। यह कोई साधारण उपाधि नहीं थी, बल्कि उनके असाधारण साहस, अन्याय के विरुद्ध अहिंसक प्रतिरोध और गांधीवादी आचरण की स्वीकृति थी। घटना पीरो, जिला भोजपुर, आरा के निकट कुरमुरी क्षेत्र की […]

होर्मुज जलमार्ग पर फिर छिड़ी ईरान-अमेरिका में जंग

ईरान के सुरक्षा बल आईआरजीसी ने बताया कि होर्मुज जलमार्ग अगली सूचना तक बंद रहेगा। उनका यह भी कहना था यदि अमेरिका बाज नहीं आया और ईरान पर फिर से हमले किए गए, तो वह खाड़ी क्षेत्र में दुश्मन के अतिरिक्त ठिकानों को भी निशाना बनाने पर विचार कर सकता है। होर्मुज जलमार्ग एक बार […]

बदलाव की जरूरत है देश की सड़ चुकी राजनीतिक-सामाजिक मिट्टी को

वरिष्ठ समाजवादी रामनंदन मिश्र की वो बातें, जो आज भी आती हैं याद शिवानंद तिवारी बहुत पुरानी बात है। वर्ष 1967 की। बिहार में पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार बनी थी। केवल बिहार ही नहीं, देश के कई राज्यों में कांग्रेस पराजित हुई थी और गैर-कांग्रेसी सरकारों का गठन हुआ था। उस समय राजनीतिक माहौल में […]

भारत की जनता, इन 12 सालों का हिसाब दो…

राष्ट्र प्रहरी 2014 से 2018 तक प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदारदास मोदी की विदेश यात्राओं, चार्टर्ड फ्लाइट, एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस और सरकारी इंतज़ामों पर 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हुए थे। बाद में 2022 से 2024 के बीच 38 विदेश यात्राओं पर करीब 258 करोड़ रुपये और खर्च हुए थे। वीडियो देखें इसमें उस बोइंग विमान […]

वियतनाम में नाव पलटने का दर्दनाक हादसा

इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत वियतनाम सरकार ने अपने सरकारी पोर्टल ‘वीएन एक्सप्रेस इन्टरनेशनल’ में विस्तार से बताया  कि एक स्पीडबोट, जिसमें चालकदल के चार सदस्य और बत्तीस भारतीय पर्यटक दल मौजूद थे, सभी सवार लोगों को लेकर ‘होन मे रूट’ से ‘एन थोई पोर्ट’ की ओर जा रही थी। यह स्पीडबोट […]

बांकीपुर, पटना उपचुनाव – चतुष्कोणीय मुकाबले में भाजपा का प्रहसन

उल्लेखनीय है कि बांकीपुर विधानसभा सीट भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद वहां से पांच बार के विधायक नितिन नवीन के विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई है। इस विधानसभा सीट के लिए 30 जुलाई को मतदान होगा। मतगणना 3 अगस्त को होगी। वीडियो देखें बिहार के पटना शहर […]

नीतीश कुमार – एक राजनेता का राजनीतिक व मानसिक अंतर्द्वंद्व

समाजवाद और बिहार की जनता का जनसंघर्ष डॉक्टर लोहिया ने जो सपना देखा था कि पिछड़े जब जागेंगे, तो उससे जो ऊर्जा निकलेगी उसके ज़रिए जाति व्यवस्था के जकड़न से समाज को मुक्त कर समता आधारित नये समाज के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। वह नहीं हो रहा था, बल्कि ठीक […]