क्या भारतीय लोकतंत्र में अब सत्याग्रह की परंपरा के लिए कोई स्थान नहीं?
सोनम वांगचुक के आमरण अनशन को 16 दिन से अधिक बीत चुके हैं और उनकी सेहत लगातार चिंताजनक बताई जा रही है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या सरकार इतनी संवेदन हीन हो चुकी है की अनशनकारियों को जंतर मंतर पर मरने के लिए छोड़ दिया गया है! लोकतंत्र संसद, सरकार और संविधान के […]







