आपातकाल की सीख
डॉ. लोहिया का यह मानना बिल्कुल अकाट्य था कि जब तक पार्टियों के अंदर लोकतंत्र नहीं रहेगा तो देश में लोकतंत्र कैसे बचेगा ! उनका नुस्खा था कि पार्टियों के कार्यकर्ता जब तक अपने नेताओं के गलत निर्णयों की आलोचना नहीं करेंगे, तब तक लोकतंत्र में सुधार नहीं हो सकता। आज के दौर में ‘अंधभक्ति’ […]







