October 6, 2026
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#National #Opinion #Politics

आपातकाल से अधिक दुखद है अमृतकाल 

प्रफुल्ल कोलख्यान आज की राजनीतिक स्थिति-परिस्थिति तो स्पष्ट है। घोर प्रशासनिक और राजनीतिक विफलता है या भ्रष्टाचार का पराक्रम, यह
#National #Opinion

बाज़ार की अराजकता: अरबपति ऊँचाइयों से डिजिटल ब्लैकआउट तक

पिछला सप्ताह 2026 को परिभाषित करने वाली अस्थिरता का एक उत्कृष्ट उदाहरण रहा है। वैश्विक बाज़ार वर्तमान में भू-राजनीतिक पैंतरेबाज़ी,
#Citizen Charter #Opinion

युवाओं की बेचैनी को समझना होगा

   सत्यम प्रजापति                                                            भारतीय लोकतंत्र में आंदोलनों की एक लंबी परंपरा रही है। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर