अमेरिका ने तोड़ा युद्धविराम – ईरान पर बरसाए बम
दस दिन भी न टिक पाया युद्धविराम
एक अजीब से घटनाक्रम में अमेरिका ने कल शुक्रवार को ईरान पर करीब एक घंटे तक हमले किए। अमेरिकी नौसेना ने मिसाइल-ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार साइट्स को निशाना बनाया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान ने सीजफायर तोड़ा, इसलिए जवाबी कार्रवाई की गई।
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समझ में आनेवाली बात इतनी ही है कि दो-तीन दिन पहले ही इजरायल ने अमेरिका-ईरान के इस 13 सूत्रीय समझौते को मानने से इन्कार कर दिया और समझौते की पहली शर्त कि इजरायल लेबनान पर हमले नहीं करेगा और युद्धपूर्व स्थिति में लौट जाएगा, को मानने से। न्कार कर दिया और लेबनान पर ताजा हमला कर दिया और जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इजरायल पर मिसायल से हमला किया।
प्रेस को दिए गए अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एक बयान के मुताबिक, 25 जून को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर के कार्गो शिप ‘एमवी एवर लवली’ पर ड्रोन से हमला किया था।
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दूसरी ओर, ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी इरना के मुताबिक ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना ने दावा किया है कि उसने जवाबी कार्रवाई में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
साथ ही, ईरान की संसद के सदस्य इब्राहिम अजीजी ने एक्स डॉट कॉम पर लिखा कि अमेरिका ने एक बार फिर बातचीत के बीच ईरान पर हमला किया है। युद्धविराम का यह उल्लंघन अमेरिका के लिए पीछे हटने और पछतावे की वजह बनेगा।
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इस बीच ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजराइल के हमले में साथ देने वाले नाटो सदस्य देशों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन देशों को बताना चाहिए कि उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई का समर्थन क्यों किया।
एक तरफ इजराइल-लेबनान के बीच समझौतों के शर्तों पर बातचीत चल रही है तो दूसरी ओर इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के अल-मंसूरी इलाके में लोगों को घर खाली करने की चेतावनी दी। वहीं, हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने कहा कि इजराइल को लेबनान की पूरी जमीन से बिना शर्त हटना होगा और संगठन किसी भी हाल में इजराइल से रिश्ते सामान्य नहीं करेगा।
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इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर की वार्ता भी पूरी हुई। दोनों देशों ने चार संयुक्त कमेटियां बनाने और 60 दिन में अंतिम समझौते का रोडमैप तैयार करने पर सहमति जताई। रूस ने भी कहा कि अंतिम समझौता होने पर वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उसका समर्थन करेगा।
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आईएईए ने कहा है कि उसकी टीम जल्द ही ईरान के परमाणु ठिकानों का निरीक्षण करेगी। दूसरी ओर, होर्मुज में हालिया तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का रूख आया है, जबकि भारत ने कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई पर लगी पाबंदियां हटाकर आपूर्ति सामान्य करने का फैसला लिया।
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