October 6, 2026
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नेता स्क्रीन पर, जनता ज़मीन पर! क्या यही लोकतंत्र है?

श्रम से सपनों का विच्छिन्न हो जाना, ‎श्रम से आनंद का तिरोहित हो जाना डिजिटलयुग की सब से बड़ी दुर्घटना है! ‎कोई तो कमायेगा-कमायेगी! या फिर सब-कुछडेटा कमायेगा और बाकी बचा हुआ काम ‎सेवायोगी कर लेंगे! ‎ नेता स्क्रीन पर, जनता जमीन पर! क्या यही लोकतंत्र है? रामदास क्यों उदास था! किस ने उसे बता दिया था कि उस की हत्या
#National #Opinion #TPI Studio

राम इकबाल वरसी – जिन्हें डॉ. लोहिया ने पीरो का गांधी कहा था

शिवानंद तिवारी सन् 1955-56 की बात होगी। डॉ. राममनोहर लोहिया ने अपनी पत्रिका “जन” में राम इकबाल वरसी को “पीरो
#Citizen Charter #National #Opinion

भारत की जनता, इन 12 सालों का हिसाब दो…

राष्ट्र प्रहरी 2014 से 2018 तक प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदारदास मोदी की विदेश यात्राओं, चार्टर्ड फ्लाइट, एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस और सरकारी
#Breaking News #National #Opinion #Politics

वियतनाम में नाव पलटने का दर्दनाक हादसा

इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत वियतनाम सरकार ने अपने सरकारी पोर्टल ‘वीएन एक्सप्रेस इन्टरनेशनल’ में विस्तार से
#Breaking News #National #Opinion #Politics

बांकीपुर, पटना उपचुनाव – चतुष्कोणीय मुकाबले में भाजपा का प्रहसन

उल्लेखनीय है कि बांकीपुर विधानसभा सीट भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद वहां से पांच बार के
#National #Opinion #Politics #TPI Studio

नीतीश कुमार – एक राजनेता का राजनीतिक व मानसिक अंतर्द्वंद्व

समाजवाद और बिहार की जनता का जनसंघर्ष डॉक्टर लोहिया ने जो सपना देखा था कि पिछड़े जब जागेंगे, तो उससे