July 30, 2026
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श्रीराम मंदिर चंदा-चढ़ावा चोरी – सुप्रीम कोर्ट का त्वरित सुनवाई से इन्कार

सुप्रीम कोर्ट का त्वरित सुनवाई से इन्कार, कहा – आसमान नहीं टूट पड़ेगा, इतनी क्या जल्दी है

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला कल सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। देश के सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में तुरंत सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से सवाल पूछा कि आखिर इसमें इतनी जल्दबाजी किस बात की है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि कोर्ट अभी छुट्टी पर है, ग्रीष्मावकाश के बाद कोर्ट खुलने के बाद इस मामले में तुरंत सुनवाई करने की बात कही। सुप्रीम कोर्ट 11 जुलाई तक अवकाश पर है, इसका मानी ये कि अब 12 जुलाई के बाद ही इस मामले में सुनवाई होगी।

सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता अजय कुमार राय और अधिवक्ता दिनेश कुमार यादव की ओर से दायर राम मंदिर चढ़ावा मामले में जांच संबंधी याचिका में मांग की गई कि इस मामले में त्वरित रूप से एफआईआर दर्ज की जाए और सीबीआई की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय एसआईटी का गठन किया जाए, जो श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सभी मामलों और प्रशासन से संबंधित कथित सभी प्रकार की वित्तीय अनियमितताओं और अन्य कथित गड़बड़ी की जांच करे।

इस मामले में, याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने एफआईआर या किसी आपराधिक मामले को दर्ज किए बिना ही मामले की जांच शुरू कर दी, जोकि विधिसम्मत नहीं है। बता दें, कि इस मामले में 7 जून को पहली बार चंदा-चढ़ावा चोरी मामले की खबर बाहर आई। इसके बाद 13 जून को राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। इसके बाद 23 जून को एसआईटी ने प्रारंभिक रिपोर्ट यूपी सरकार को सौंप दी है.

याचिकाकर्ता ने श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दाखिल की है। याचिकाकर्ता ने कहा कि मामले में लगे आरोप काफी गंभीर हैं, ऐसे में जल्द सुनवाई होना जरूरी है. याचिकाकर्ता ने कहा कि जिस तरह से प्रशासन का रवैया रहा है, वह भी कई तरह के सवाल खड़े करता है.

इस मामले में याचिकाकर्ता ने कहा कि जल्द सुनने की जरूरत इस वजह से भी है, क्योंकि सबूत के साथ छेड़छाड़ की आशंका बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि याचिका में फौरन सुनवाई को लेकर कोई बड़ी वजह दिखाई नहीं दे रही है.

उधर, एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सोमवार 29 जून को बताया कि मंदिर के चंदे में कथित गबन की चल रही जांच के तहत श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय बंसल का बयान पुलिस ने दर्ज किया है। सूत्रों ने बताया कि चंपत राय बंसल से पूछताछ कर ली गई है, जबकि अनिल मिश्रा सहित ट्रस्ट के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के बयान भी जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर बाद में दर्ज किए जाएंगे।

लेकिन इस पूरे मामले में ट्रस्ट के एक और प्रमुख सदस्य गोपाल राव, उसके भतीजे से कोई पूछताछ नहीं किया गया है। सबसे चौंकाने वाला नाम है श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी का। गोविंद देव गिरी और गोपाल राव को अभी तक खुली छूट मिली हुई है। देखना दिलचस्प होगा इन दोनों गोविंद देव गिरी और गोपाल राव सहित महासचिव चंपत राय बंसल और अनिल मिश्रा आदि को आखिर कब तक गिरफ्तार किया जाता है।

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