पेपरलीक वाला नीट परीक्षा दोबारा आज
नागपुर के नीट परीक्षार्थी को मिला आबू धाबी वाला केन्द्र
जिस नीट की परीक्षा में 2024 और 2026 में पेपरलीक हो गया हो गया हो फिर करा दिया गया हो, जिसमें एनटीए और पेपर सेट करनेवाले शिक्षक ही पेपरलीक करवा रहे हों और जिस शिक्षक या शिक्षिका ने पेपरलीक करवाया हो, उसका देश के शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के साथ कई फोटो उसके फेसबुक प्रोफाइल पर मिले हों, तो समझिए इस देश में नीट की रिपीट परीक्षा पर असुरक्षित परीक्षा के काले बादल अभी भी मंडरा रहे हैं।
सरकार ने आज होने वाली नीट परीक्षा के लिए सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था का दावा किया है, लेकिन उसका इतिहास सरकार द्वारा ऐसे किसी भी दावे को खारिज करने के लिए काफी है। कुल बाईस लाख परीक्षार्थियों के लिए 551 शहरों में 5440 परीक्षा केन्द्र देश-विदेश में बनाए गए हैं। इस कार्य के लिए 6700 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही 100 से अधिक पर्यवेक्षक लाइव सीसीटीवी फुटेज की निगरानी करेंगे।
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परीक्षा केन्द्रों पर 95000 कक्षों में परीक्षा का संचालन किया जाएगा और इसके लिए 1,38,560 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की निगरानी राष्ट्रीय स्तर पर, राज्य स्तर पर और शिक्षा मंत्रालय के स्तर पर की जाएगी। इसके साथ ही परीक्षा केन्द्रों के आस-पास 51311 जैमर लगाए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से मुख्यतः मोबाइल से कोई गड़बड़ी नहीं हो। इसके प्रश्नपत्र 12 भाषाओं में तैयार किए गए हैं।
आज इक्कीस जून को आयोजित की जाने वाली पात्रता सह प्रवेश परीक्षा स्नातक यानि नीट – यूजी का पुनर्परीक्षा में शामिल हो रहे नागपुर के एक छात्र के परिवार ने दावा किया कि उसका परीक्षा केन्द्र नागपुर या आसपास न देकर संयुक्त अरब अमीरात के आबू-धाबी में कर दिया गया है। जबकि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने जवाब दिया कि उस छात्र ने खुद उस परीक्षा केन्द्र का चयन किया था, लेकिन उसके अनुरोध पर नागपुर में परीक्षा केन्द्र आवंटित कर दिया गया है।
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नागपुर के छात्र अब्दुल्ला तालिब के पिता मुहम्मद तालिब ने बताया कि उनके बेटे ने नीट की दोबारा परीक्षा के लिए नागपुर, वर्धा और भंडारा केन्द्र का चयन किया था। लेकिन उसका केन्द्र सात समंदर पार आबू धाबी कर दिया था। वहीं एनटीए का कहना था कि छात्र ने अपनी लागिन विवरण का उपयोग करते हुए परीक्षा केन्द्र बदलकर आबू धाबी कर दिया था।
बहरहाल नीट की पुनर्परीक्षा का देश भर में सुचारू, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए पूर्वाभ्यास किया गया। प्रति परीक्षा केन्द्र 40 -50 सुरक्षाकर्मी और कुल 38795 तलाशकर्मी और 48448 बायोमेट्रिक सत्यापन कर्मी भी इस अभियान में लगाए गए हैं।
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