नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ने किया तृणमूल सांसदों के विलय से इन्कार
तृणमूल हुई दोफाड़ – इसके टूटे सांसदों ने पाला बदला
कल 20 अकबर रोड स्थित लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिड़ला के आवास पर जाकर तृणमूल कांग्रेस के करीब 20 सांसदों ने स्वयं जाकर उन्हें एक चिट्ठी दी और अपने लिए अलग बैठने की जगह की मांग की। यही नहीं उन्होंने यह भी सूचना दी कि उनके गुट ने हावड़ा में पंजीकृत एक अज्ञात-सी क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी – नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी में अपने गुट के सदस्यों का विलय करवा दिया है।
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इस मामले में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज के गहमागहमी में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के घर स्थित कार्यालय में पहले तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने कीर्ति आजाद के साथ वहां जाकर तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी का पत्र दिया और बाहर निकलकर कहा – जिस चुनाव चिह्न के साथ तृणमूल के सांसदों ने चुनाव लड़ा और जीता, उस पार्टी से बाहर जाने का कोई नियम नहीं है, इसलिए उनको मान्यता, दर्जा या सुविधा न दें।
उसके बाद, तृणमूल कांग्रेस के टूटे सासंदों ने संयुक्त रूप से एक चिट्ठी लेकर और स्वयं जाकर ओम बिड़ला से मिलकर अपना पक्ष रखा। इस घटनाक्रम के बाद, उन अटकलों पर विराम लग गया कि तृणमूल कांग्रेस टूट रही है। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा – हम नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इन्डिया में शामिल हो गए हैं। इस पार्टी का क्षेत्रीय पार्टी की मान्यता है।
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ये अलग बात है कि अगले ही दिन नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इन्डिया के महासचिव शांतनु डे ने तृणमूल सासंदों के विलय से इन्कार कर दिया है और यह भी जोड़ा कि इनके साथ विलय करने में हमारी बदनामी होगी। इस पार्टी की अध्यक्ष शैली कुंडू हैं और उनके पति अमित कुंडू का मुख्मंत्री शुभेन्दु अधिकारी के साथ फोटो भी हैं।
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